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बिरसा के बलिदान को नहीं भूलेंगे मूलनिवासी, ‘अबुआ दिसुम- अबुआ राज’ का संकल्प लेकर एकजुट हुआ समाज

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जब देश हमारा है, तो राज भी हमारा होगा” – बिरसा मुंडा के सपनों को साकार करने का लिया संकल्प

बिलासपुर। अमर शहीद भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान दिवस पर उसलापुर स्थित जय बूढ़ा देव भवन में मूलनिवासी संघ जिला बिलासपुर इकाई द्वारा एक विशाल सामाजिक एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व सीबीआई जज प्रभाकर ग्वाल रहे। वहीं आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष संजय परते, जगदीश ध्रुव, गजानन ध्रुव, कपिल मरकाम, जॉस थॉमस, सज्जी जोन, उत्तम नेताम, बक पासवान, श्याममूरत कौसिक, संतोष साहू, डॉ. जे. अजित, जय साहू एवं दशरथ प्रसाद अहिरवार सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मूलनिवासी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमरजीत पटेल ने की।
अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल, जमीन और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका सपना था “अबुआ दिसुम, अबुआ राज” अर्थात हमारा देश और हमारा शासन। आज उसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज को एक मंच पर आने की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने कहा कि सामाजिक न्याय, समान अधिकार और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए मूलनिवासी समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना होगा। समाज की एकता ही भगवान बिरसा मुंडा को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे भगवान बिरसा मुंडा के बताए मार्ग पर चलेंगे और उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
अंत में “जय बिरसा, जय मूलनिवासी” और “जब देश हमारा, तो राज भी हमारा” के नारों से पूरा सभागार गूंज उठा।

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