गोंडवाना समाज की एकजुटता या युवा चेहरे का जादू, क्षेत्र क्रमांक 7 में किसके सिर सजेगा जीत का ताज?
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जनपद अध्यक्ष उदय सिंह गोंडवाना समाज के लिए उतरे मैदान में, सुषमा सिंह श्याम और लीलाधर पैकरा के बीच कांटे की टक्कर, हर वोट बना निर्णायक
बैकुंठपुर/कोरिया। जनपद पंचायत बैकुंठपुर के क्षेत्र क्रमांक 7 के जनपद सदस्य (बीडीसी) उपचुनाव ने अब पूरे क्षेत्र का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आदिवासी बाहुल्य इस क्षेत्र में चुनावी मुकाबला दिन-प्रतिदिन रोचक होता जा रहा है। गांव-गांव में चुनावी चर्चा का माहौल है और मतदाताओं के बीच विकास, समाज, युवा नेतृत्व और स्थानीय समीकरण प्रमुख विषय बने हुए हैं।
इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि गोंडवाना समाज ने अपनी पूरी ताकत चुनावी मैदान में झोंक दी है। गोंडवाना समाज के समर्थन से चुनाव लड़ रहीं सुषमा सिंह श्याम के पक्ष में जनपद अध्यक्ष उदय सिंह स्वयं मैदान में उतर चुके हैं। उदय सिंह लगातार गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क कर रहे हैं तथा समाज के लोगों को एकजुट करने में जुटे हुए हैं। उनके नेतृत्व में गोंडवाना समाज के कार्यकर्ता भी क्षेत्र में सक्रिय होकर चुनाव प्रचार अभियान चला रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि क्षेत्र क्रमांक 7 में गोंडवाना समाज का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। यही कारण है कि समाज की एकजुटता इस चुनाव की सबसे बड़ी चर्चा बन चुकी है। चुनावी विश्लेषकों का मानना है कि यदि समाज का बड़ा वर्ग एक दिशा में मतदान करता है तो परिणामों पर उसका असर पड़ सकता है।
वहीं दूसरी ओर लीलाधर पैकरा (बरगद छाप) युवा चेहरे के रूप में चुनावी मैदान में मजबूत चुनौती पेश कर रहे हैं। क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क, युवाओं से संवाद और ग्रामीण मतदाताओं के बीच सक्रिय उपस्थिति के कारण उनकी पकड़ मजबूत मानी जा रही है। कई गांवों से मिल रहे फीडबैक में युवा मतदाताओं का झुकाव युवा नेतृत्व की ओर होने की चर्चा भी सामने आ रही है।
क्षेत्र क्रमांक 7 में शामिल चारपारा (670), कदमनारा (722), जटासेमर (522), गोल्हाघाट (503), झरनापारा (1070), सराईगहना (636), मुड़ीझरिया (711), जामपानी (619) तथा डूभापानी (625) पंचायतों के मतदाता इस चुनाव में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इन पंचायतों में प्रत्याशियों द्वारा लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है।
यदि पिछले चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो मतदाताओं ने युवा नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए संजय पैकरा को लगभग 2098 मतों के साथ जीत दिलाई थी। यही वजह है कि इस बार भी चुनावी चर्चा में युवा चेहरा एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि गोल्हाघाट, कदमनारा और आसपास के कई क्षेत्रों में युवा मतदाताओं की भूमिका परिणामों को प्रभावित कर सकती है।
चुनावी चर्चाओं में सराईगहना और मुड़ीझरिया पंचायत भी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर विभिन्न सामाजिक समूहों और समुदायों के मतों को लेकर अलग-अलग आकलन लगाए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस बार चुनाव में सामाजिक और स्थानीय समीकरणों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रह सकती है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा से लीलाधर पैकरा और प्रकाश नारायण पैकरा दोनों ने दावेदारी पेश की थी। हालांकि स्थानीय स्तर पर किसी एक नाम को लेकर स्पष्ट राजनीतिक सहमति सामने नहीं आ सकी। चुनावी चर्चाओं में इसे भी एक महत्वपूर्ण कारक माना जा रहा है। हालांकि किसी भी राजनीतिक दल की आधिकारिक स्थिति को लेकर अंतिम टिप्पणी उनके अधिकृत बयान के आधार पर ही की जा सकती है।
आजाद हिंद लाइव 24 को गांव-गांव से मिल रहे फीडबैक के अनुसार फिलहाल मुकाबला मुख्य रूप से सुषमा सिंह श्याम और लीलाधर पैकरा के बीच दिखाई दे रहा है। एक ओर गोंडवाना समाज की संगठित ताकत और उदय सिंह का सक्रिय प्रचार अभियान है, तो दूसरी ओर युवा नेतृत्व की पहचान के साथ लीलाधर पैकरा की मजबूत मौजूदगी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि इस बार जीत-हार का अंतर बहुत कम रह सकता है। कई स्थानीय राजनीतिक जानकारों का अनुमान है कि मुकाबला बेहद करीबी होगा और अंतिम समय तक परिणामों को लेकर सस्पेंस बना रह सकता है। यही कारण है कि प्रत्याशी और उनके समर्थक अंतिम दौर तक मतदाताओं तक पहुंचने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
अब क्षेत्र क्रमांक 7 की जनता के सामने दो अलग-अलग राजनीतिक संदेश दिखाई दे रहे हैं—एक ओर समाज की एकजुटता और संगठन की ताकत, तो दूसरी ओर युवा नेतृत्व और नए चेहरे की उम्मीद। अंतिम फैसला मतदाताओं के हाथ में है और यही फैसला तय करेगा कि जनपद पंचायत बैकुंठपुर के क्षेत्र क्रमांक 7 का प्रतिनिधित्व आने वाले समय में कौन करेगा।
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