तिल्दा-नेवरा में सत्ता का खेल या भ्रष्टाचार का साम्राज्य?
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
अवैध निर्माण, गरीबों से कथित वसूली और राजनीतिक संरक्षण के आरोपों से नगर पालिका में मचा बबाल
रायपुर तिल्दा-नेवरा। तिल्दा-नेवरा नगर पालिका इन दिनों गंभीर आरोपों और राजनीतिक चर्चाओं के चलते सुर्खियों में बनी हुई है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला वर्मा के पति खुराम/खुमान वर्मा पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण संरक्षण, आवास योजना में कथित वसूली और राजनीतिक रसूख के दम पर प्रशासनिक प्रभाव बनाने जैसे आरोपों की चर्चाएं पूरे शहर में तेजी से फैल रही हैं। हालांकि इन आरोपों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहर में इस मुद्दे को लेकर जबरदस्त नाराजगी और चर्चा का माहौल बना हुआ है।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस भवन के पीछे, गार्डन क्षेत्र और सांस्कृतिक भवन के आसपास कथित रूप से अवैध निर्माण कराए जाने की चर्चा शहरभर में चल रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन निर्माण कार्यों पर प्रशासन अब तक चुप्पी साधे हुए है, जबकि आम लोगों के छोटे निर्माण कार्यों पर तत्काल नोटिस और कार्रवाई की जाती है। इसी बात को लेकर नगर पालिका की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है।
हाई स्कूल–कॉलेज रोड में चली थी जेसीबी, अब उठ रहे बड़े सवाल
सूत्रों का कहना है कि हाल ही में हाई स्कूल से कॉलेज मार्ग तक बनाए जा रहे तीन दुकानों को प्रशासन ने अवैध मानते हुए तहसीलदार की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर हटाया था। उस कार्रवाई के बाद शहर में यह सवाल और तेज हो गया कि आखिर कुछ लोगों पर ही नियमों की सख्ती क्यों दिखाई जाती है? क्या रसूखदार लोगों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
आवास योजना में ₹30 हजार तक कथित वसूली की चर्चा
सूत्रों के हवाले से शहर में यह चर्चा भी जोरों पर है कि गरीब हितग्राहियों से आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर कथित रूप से ₹30 हजार तक की रकम मांगी जा रही है। लोगों का कहना है कि शासन की गरीबों के लिए बनाई गई योजनाओं में भी यदि “रेट फिक्स” होने की चर्चाएं चल रही हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है। हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक दस्तावेज या पुष्टि सामने नहीं आई है।
“मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद मेरे संपर्क में” — चर्चाओं से गरमाई राजनीति
सूत्रों के मुताबिक शहर में यह चर्चा भी तेजी से फैल रही है कि अध्यक्ष पति कथित रूप से अपने राजनीतिक संपर्कों का हवाला देते हुए कहते हैं — “मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद और विधायक तक मेरे संपर्क में हैं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इन कथित बयानों के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। हालांकि इस बयान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
“शहर हटाओ अभियान” पर भी उठे सवाल
नगर पालिका द्वारा चलाए गए “शहर हटाओ अभियान” को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि छोटे व्यापारियों और गरीबों पर कार्रवाई की गई, लेकिन शहर के बीच नालियों और सार्वजनिक स्थलों पर बने कथित अवैध निर्माणों को नहीं हटाया गया। इससे नगर पालिका पर पक्षपात और संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं।
शराब भट्टी के पास अवैध दुकानों की चर्चा
सूत्रों के अनुसार नेवरा शराब भट्टी के पास कुछ दुकानों के निर्माण को लेकर भी चर्चाएं गर्म हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन निर्माण कार्यों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पार्षदों को “मलाई-मिठाई” देने की चर्चाएं
नगर पालिका की राजनीति में यह चर्चा भी जोरों पर है कि कुछ पार्षदों को अपने पक्ष में बनाए रखने के लिए विशेष सुविधाएं और लाभ दिए जा रहे हैं। नगर पालिका कार्यालय में कुछ पार्षदों की लगातार मौजूदगी को लेकर भी शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
पुराने विवाद भी फिर आए चर्चा में
सूत्रों का कहना है कि पहले भी एक बच्चे के हाथ खराब होने के मामले में अध्यक्ष पति का नाम चर्चाओं में आया था। हालांकि उस मामले में किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि या कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई।
आखिर किसका संरक्षण?
अब शहर में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर नगर पालिका अध्यक्ष पति को किसका संरक्षण प्राप्त है? क्या राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा? क्या अधिकारियों पर प्रभाव बनाया गया है? इन सवालों को लेकर शहर में आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।
जांच की मांग तेज
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि शासन और प्रशासन पर जनता का भरोसा कायम रह सके।
फिलहाल संबंधित पक्ष की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा





