बंगाल में BJP-TMC की खूनी सियासत! हिंसा से गरमाया माहौल, ममता ने इस्तीफे से किया इनकार”
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
West Bengal में राजनीतिक माहौल लगातार विस्फोटक होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच चल रही सियासी जंग अब आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर हिंसा और सड़क की लड़ाई तक पहुंच गई है। भाजपा की बढ़ती राजनीतिक ताकत और हालिया चुनावी बढ़त के बाद राज्य में तनाव का माहौल और अधिक गर्म हो गया है।
भाजपा लगातार आरोप लगा रही है कि बंगाल में उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि जैसे-जैसे राज्य में भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक हिंसा की घटनाएं भी बढ़ती जा रही हैं। इसी बीच भाजपा नेता Suvendu Adhikari के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या ने पूरे बंगाल की राजनीति में भूचाल ला दिया है। भाजपा ने इसे “राजनीतिक हत्या” बताते हुए सीधे राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।
घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिला। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। भाजपा नेताओं का आरोप है कि बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है और विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए डर और हिंसा का माहौल बनाया जा रहा है।
दूसरी ओर Mamata Banerjee और TMC ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ममता बनर्जी ने साफ कहा है कि वे किसी भी दबाव में इस्तीफा नहीं देंगी और लोकतांत्रिक तरीके से हर लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में माहौल खराब कर राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश कर रही है।
TMC नेताओं का कहना है कि भाजपा जानबूझकर बंगाल की छवि खराब करने में लगी हुई है। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और आम लोग भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच के लिए SIT और CID टीम गठित की गई। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल में BJP और TMC के बीच संघर्ष आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। लोकसभा चुनाव और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति पूरी तरह दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है। हर बड़ी घटना अब राजनीतिक रंग ले रही है और दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर तीखे हमले कर रही हैं।
बंगाल की जनता अब इस सियासी संघर्ष के बीच शांति और स्थिरता की उम्मीद लगाए बैठी है। लेकिन जिस तरह से राजनीतिक बयानबाजी और हिंसा बढ़ रही है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति और अधिक गरमाने वाली है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space
आणखी कथा





