देश में डिजिटल जनगणना 2027 की शुरुआत, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित राम पैकरा ने की स्व-गणना — नागरिकों से बढ़-चढ़कर भागीदारी की अपील
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📍 रिपोर्ट | विशेष संवाददाता
देशभर में आज से “जनगणना 2027” के अंतर्गत स्व-गणना (Self Enumeration) अभियान का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। यह भारत के इतिहास में पहली बार हो रहा है कि जनगणना की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपने परिवार एवं आवास से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित राम पैकरा ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने परिवार के साथ स्व-गणना फॉर्म भरकर एक सकारात्मक संदेश दिया है। उन्होंने इस पहल को न केवल अपनी जिम्मेदारी बताया, बल्कि आम जनता के लिए एक प्रेरणा भी बताया।
🟨 डिजिटल भारत की ओर बड़ा कदम
सरकार द्वारा शुरू किया गया यह स्व-गणना अभियान देश को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब नागरिकों को पारंपरिक सर्वेक्षण प्रक्रिया का इंतजार करने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वे स्वयं निर्धारित पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
इस प्रक्रिया से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी, जिससे सरकार को योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।
🟦 मोहित राम पैकरा ने दिया प्रेरणादायक संदेश
जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित राम पैकरा ने स्व-गणना करने के बाद कहा:
“जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के विकास की नींव है। मैंने अपने परिवार के साथ स्व-गणना कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। अब हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह भी आगे आकर सही जानकारी दर्ज करे।”
उन्होंने आगे कहा कि जनगणना के आंकड़े ही भविष्य की योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास की दिशा तय करते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
🟩 नागरिकों से अपील: खुद जुड़ें, दूसरों को जोड़ें
जिला पंचायत अध्यक्ष ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपने परिवार की सही और पूरी जानकारी दर्ज करें तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें हर व्यक्ति की भूमिका है।
🟧 सही जानकारी से बनेगी सशक्त योजना
विशेषज्ञों के अनुसार, जनगणना के आंकड़े देश की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक योजनाओं का आधार होते हैं। यदि जानकारी सही और अद्यतन होगी, तो योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचेगा।
इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार डिजिटल माध्यम को अपनाया गया है, ताकि अधिक पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित की जा सके।
🟪 राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का अवसर
“जनगणना 2027” केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के हर नागरिक के लिए राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का सुनहरा अवसर है। स्व-गणना के माध्यम से नागरिक सीधे इस प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं और देश के विकास में योगदान दे सकते हैं।
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