15वें वित्त एवं मूलभूत मद की राशि पर सवाल! बड़गांव पंचायत में विकास नहीं, भ्रष्टाचार की चर्चा
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💧 वार्ड क्रमांक 3 में गहराया पेयजल संकट, ग्रामीणों और पंचों ने सरपंच के खिलाफ जांच की मांग उठाई
बैकुंठपुर। जनपद पंचायत बैकुंठपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़गांव में 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद की राशि के उपयोग, विकास कार्यों और पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत के पंचों एवं ग्रामीणों ने पंचायत में वित्तीय पारदर्शिता की कमी, विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं तथा पेयजल समस्या को लेकर नाराजगी व्यक्त की है।
पंचों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पंचायत को 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद के अंतर्गत प्राप्त राशि, विभिन्न विकास कार्यों पर किए गए व्यय तथा योजनाओं की प्रगति की जानकारी उन्हें पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई जाती। पंचों का कहना है कि पंचायत के कार्यों में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
पंचों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में विकास कार्यों के चयन और क्रियान्वयन में उनकी राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि सरपंच अपने विवेक और निर्णय के अनुसार कार्यों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे कई आवश्यक कार्य लंबे समय तक लंबित रह जाते हैं। पंचों का आरोप है कि पंचायत की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और सहभागी बनाया जाना चाहिए ताकि सभी वार्डों को समान रूप से विकास का लाभ मिल सके।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत क्षेत्र में कराए गए कुछ विकास कार्यों, स्वच्छता संबंधी कार्यों तथा पेयजल योजनाओं की गुणवत्ता और क्रियान्वयन को लेकर भी जांच की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।
सबसे गंभीर स्थिति पेयजल संकट को लेकर सामने आई है। ग्राम पंचायत बड़गांव के वार्ड क्रमांक 3 में भीषण गर्मी के दौरान लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पीने के पानी के लिए कुओं एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों का सहारा लेना पड़ रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को प्रतिदिन पानी की व्यवस्था के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री भैयालाल राजवाड़े द्वारा पेयजल समस्या को लेकर सरपंच को दो से तीन बार दूरभाष के माध्यम से आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद वार्ड क्रमांक 3 में न तो हैंडपंप की समुचित व्यवस्था की गई और न ही मोटर लगाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए होते तो लोगों को भीषण गर्मी में पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर विधायक भैयालाल राजवाड़े से पुनः चर्चा की गई। विधायक ने समस्या का संज्ञान लेते हुए आश्वासन दिया है कि आगामी 2 से 3 दिनों के भीतर मोटर लगाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे प्रभावित क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बहाल हो सके। ग्रामीणों ने विधायक पर विश्वास जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि समस्या का जल्द समाधान होगा।
हालांकि पेयजल संकट के समाधान को लेकर ग्रामीणों में उम्मीद जगी है, लेकिन पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बना हुआ है। पंचों एवं ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत बड़गांव में 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद की राशि, विकास कार्यों, पेयजल योजनाओं तथा अन्य निर्माण कार्यों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
उन्होंने मांग की है कि यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, शासकीय राशि के दुरुपयोग, नियमों के उल्लंघन अथवा अन्य गड़बड़ियों की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध पंचायत राज अधिनियम एवं प्रचलित नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें विकास कार्यों का विरोध नहीं है, बल्कि वे पारदर्शिता, जवाबदेही और मूलभूत सुविधाओं की अपेक्षा रखते हैं। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी और पंचायत व्यवस्था में जनता का विश्वास मजबूत होगा।
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