नमस्कार , हमारे न्यूज पोर्टल - मे आपका स्वागत हैं ,यहाँ आपको हमेशा ताजा खबरों से रूबरू कराया जाएगा , खबर ओर विज्ञापन के लिए संपर्क करे 8103696901 , 6266418989 , 6266256782 , 8226053208 ,हमारे यूट्यूब चैनल को सबस्क्राइब करें, साथ मे हमारे फेसबुक को लाइक जरूर करें , भानुप्रतापपुर में पंचायत व्यवस्था हिली : 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, विकास कार्यों पर उठे गंभीर सवाल – Azad Hind Live24

Azad Hind Live24

Latest Online Breaking News

भानुप्रतापपुर में पंचायत व्यवस्था हिली : 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा, विकास कार्यों पर उठे गंभीर सवाल

😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊

भानुप्रतापपुर / अंतागढ़, कांकेर
✍️ आजाद हिंद लाइव 24
कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां क्षेत्र की 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा देकर शासन-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस सामूहिक इस्तीफे के बाद पूरे क्षेत्र की राजनीति और पंचायत व्यवस्था में हड़कंप मच गया है। सरपंचों का आरोप है कि पंचायतों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त फंड नहीं दिया जा रहा, जिसके कारण गांवों में सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन और अन्य मूलभूत कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार अंतागढ़ ब्लॉक के पंचायत प्रतिनिधि लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार के सामने आवाज उठा रहे थे। लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं होने से नाराज होकर सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंच एक मंच पर आ गए और सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया। प्रदर्शन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों ने जमकर नारेबाजी की और शासन के खिलाफ विरोध जताया।
सरपंचों ने आरोप लगाया कि पंचायतों को केवल जिम्मेदारी दी जा रही है, लेकिन विकास कार्यों को पूरा करने के लिए जरूरी बजट और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे। कई गांवों में विकास कार्य अधूरे पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि बिना फंड के गांवों का विकास संभव नहीं है और जनता के सवालों का जवाब देना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें मांग की गई कि पंचायतों को तत्काल विकास निधि जारी की जाए और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा कराया जाए। सरपंचों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
इस सामूहिक इस्तीफे ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की स्थिति को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतें गांव के विकास की सबसे अहम कड़ी होती हैं, लेकिन यदि पंचायत प्रतिनिधि ही मजबूर होकर इस्तीफा देने लगें, तो यह गांवों की बदहाल व्यवस्था को साफ दर्शाता है। अब पूरे क्षेत्र की नजर शासन-प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।
🔴 मुख्य बिंदु
56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा
✅ विकास कार्यों के लिए फंड नहीं मिलने का आरोप
✅ अंतागढ़ ब्लॉक में पंचायत प्रतिनिधियों का बड़ा प्रदर्शन
✅ प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन
✅ समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
✅ पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण विकास पर उठे सवाल

Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें 

Advertising Space


स्वतंत्र और सच्ची पत्रकारिता के लिए ज़रूरी है कि वो कॉरपोरेट और राजनैतिक नियंत्रण से मुक्त हो। ऐसा तभी संभव है जब जनता आगे आए और सहयोग करे.

Donate Now