मेहनत की आग से निकला सुर: पण्डो जनजाति के युवा का गाना हुआ वायरल
|
😊 कृपया इस न्यूज को शेयर करें😊
|
बैकुंठपुर (जिला कोरिया, छत्तीसगढ़) से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां ग्राम जमगहना के रहने वाले सिंगर राजकुमार पण्डो अपने गाने “बैकुंठपुर वाली प्यार दे जा” से तेजी से वायरल हो रहे हैं।
🎶 ईंट भट्ठा से सुरों तक का सफर
राजकुमार पण्डो, जो कि पण्डो जनजाति से आते हैं, रोज़ी-रोटी के लिए ईंट भट्ठा में मजदूरी करते हैं, लेकिन इसके साथ-साथ वे अपनी आवाज की नई पहचान बनाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं।
दिनभर की मेहनत के बाद भी उन्होंने अपने अंदर के कलाकार को जिंदा रखा — यही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है।
🎧 टीम के सहयोग से मिली पहचान
इस गाने को पहचान दिलाने में एक मजबूत टीम का अहम योगदान रहा है:
👉 डायरेक्टर: राजू कुमार राजवाड़े (ओम स्टूडियो, आमापारा – यूट्यूब चैनल)
👉 प्रोड्यूसर: ओम प्रकाश राजवाड़े
👉 संगीत: श्रवण सूर्यवंशी
इन सभी के सहयोग से एक साधारण मजदूर की आवाज आज सोशल मीडिया पर गूंज रही है और लोगों के दिलों में जगह बना रही है।
📈 “बैकुंठपुर वाली प्यार दे जा” हो रहा वायरल
इस गाने का देसी अंदाज़, सादगी और भावनात्मक जुड़ाव लोगों को खूब पसंद आ रहा है।
“बैकुंठपुर वाली प्यार दे जा” तेजी से वायरल हो रहा है और हर वर्ग के लोग इस गाने को सुनकर सराहना कर रहे हैं यह गाना आज ही रिलीज हुआ है ओम स्टूडियो आमापारा चैनल पर सुनने के लिए सर्च करे ओम स्टूडियो आमापारा यूट्यूब पर बहुत ही शानदार परफॉर्मेंस है।
🌍 पण्डो समाज के लिए गर्व का पल
यह सफलता सिर्फ राजकुमार पण्डो की नहीं, बल्कि पूरे पण्डो समाज और क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
यह कहानी एक बार फिर साबित करती है कि प्रतिभा किसी संसाधन या बड़े मंच की मोहताज नहीं होती।
🔥 निष्कर्ष
👉 ईंट भट्ठा में मजदूरी करते हुए अपनी आवाज की नई पहचान बनाने का प्रयास जारी रखने वाले राजकुमार पण्डो आज एक नई मिसाल बन चुके हैं।
मेहनत, जुनून और सही सहयोग मिले तो हर सपना सच हो सकता है — और यही इस वायरल गाने की सबसे बड़ी सीख है।
|
Whatsapp बटन दबा कर इस न्यूज को शेयर जरूर करें |
Advertising Space





