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कुदरगढ़ धाम में अव्यवस्था: श्रद्धालुओं को खुले में शौच के लिए मजबूर, ट्रस्ट पर उठे सवाल

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सूरजपुर (ओड़गी) |विशेष रिपोर्ट

कुदरगढ़ माता मंदिर में प्रतिदिन लगभग 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यहां श्रद्धालुओं के ठहरने, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं और लगातार विकास कार्य भी जारी है।
लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है।
🚨 सामुदायिक शौचालय बदहाल, गंदगी का अंबार
धाम परिसर में बने सामुदायिक शौचालय पूरी तरह जर्जर हालत में हैं।
कई शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं
साफ-सफाई का कोई इंतजाम नहीं
चारों तरफ गंदगी और बदबू फैली हुई है
इस वजह से महिला और पुरुष श्रद्धालु खुले में शौच करने को मजबूर हैं, जिससे न केवल असुविधा हो रही है बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
💰 वाहन प्रवेश शुल्क पर उठे सवाल
धाम में प्रवेश करते ही ट्रस्ट द्वारा चारपहिया वाहनों से 50 रुपये प्रति वाहन की रसीद काटी जाती है।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं से भारी राजस्व प्राप्त हो रहा है, तो फिर मूलभूत सुविधाओं की यह बदहाल स्थिति क्यों?
⚠️ प्रधानमंत्री योजना की उड़ाई जा रही धज्जियां
यह स्थिति सीधे तौर पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन पर भी सवाल खड़े करती है।
जिस स्थान पर स्वच्छता और सुविधाओं का आदर्श उदाहरण होना चाहिए, वहीं लापरवाही और अव्यवस्था का आलम देखने को मिल रहा है।
🗣️ स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की मांग
शौचालयों की तत्काल मरम्मत और नियमित सफाई
ट्रस्ट और प्रशासन की जवाबदेही तय हो
प्राप्त राशि का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित किया जाए
🧾 प्रशासन की चुप्पी
इस गंभीर मुद्दे पर अब तक प्रशासन और ट्रस्ट की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या बयान सामने नहीं आया है।
👉 निष्कर्ष:
आस्था के इस बड़े केंद्र में यदि मूलभूत सुविधाएं ही दुरुस्त नहीं होंगी, तो यह श्रद्धालुओं के साथ अन्याय है। अब देखना होगा कि प्रशासन और ट्रस्ट इस मामले में कब तक संज्ञान लेते हैं और सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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