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घरघोड़ा उपकोषालय बना ‘कमीशनखोरी का अड्डा’? मेडिकल बिल पास करने के नाम पर महिला कर्मचारी से डिजिटल वसूली का आरोप

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PhonePe से रिश्वत, WhatsApp पर सौदेबाजी — 20% कमीशन का खेल उजागर, सबूतों के बावजूद कार्रवाई पर सवाल
📰 विशेष रिपोर्ट | रायगढ़
लोकतंत्र में सरकारी संस्थानों को ‘जनसेवा का मंदिर’ माना जाता है, लेकिन रायगढ़ जिले का घरघोड़ा उपकोषालय इन दिनों गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरा हुआ है। यहां फाइलें नियमों से नहीं, बल्कि ‘कमीशन’ से आगे बढ़ने का आरोप है।
हाल ही में एक महिला कर्मचारी से मेडिकल क्लेम पास करने के बदले कथित तौर पर ₹5000 की अवैध वसूली का मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
⚠️ डिजिटल रिश्वतखोरी का नया मॉडल
मिली जानकारी के अनुसार सहायक ग्रेड-03 कर्मचारी सिम्मी पटनायक ने प्रसव संबंधी ₹44,425 का वैध मेडिकल क्लेम प्रस्तुत किया था।
लेकिन आरोप है कि—
पहले 20% यानी ₹10,000 की मांग की गई
फाइल रोककर मानसिक दबाव बनाया गया
अंततः ₹5000 PhonePe के जरिए वसूले गए
WhatsApp पर बातचीत के जरिए सौदेबाजी की गई
यह मामला दिखाता है कि भ्रष्टाचार अब डिजिटल माध्यमों में भी बेखौफ तरीके से फैल चुका है।
🌐 पूरा क्षेत्र बना ‘फिक्स रेट ज़ोन’?
सूत्रों के मुताबिक लैलूंगा, घरघोड़ा और तमनार क्षेत्र में यह आम चर्चा है कि बिना ‘कट-मनी’ दिए कोई भी बिल पास नहीं होता।
👉 आरोप यह भी है कि
मृत कर्मचारियों के परिजनों के भुगतान तक रोके जाते हैं
महीनों फाइल अटकाकर लोगों को मजबूर किया जाता है
📂 सबूत मौजूद, फिर भी कार्रवाई क्यों नहीं?
शिकायतकर्ता राजेश कुमार पटनायक द्वारा
कॉल रिकॉर्डिंग
WhatsApp चैट
बैंक ट्रांजेक्शन
जैसे ठोस सबूत मुख्यमंत्री और कलेक्टर रायगढ़ को सौंपे जा चुके हैं।
फिर भी अब तक कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है—
क्या आरोपी को राजनीतिक संरक्षण है?
क्या जांच सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गई है?
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति केवल कागजों तक सीमित है?
🔥 जनता की मांग: सख्त कार्रवाई
यह मामला सिर्फ ₹5000 का नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता का है।
जनता अब चाहती है—
तत्काल निलंबन या सेवा समाप्ति
निष्पक्ष जांच
दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई
🧾 निष्कर्ष
घरघोड़ा उपकोषालय का यह मामला प्रशासन के लिए एक अग्निपरीक्षा बन गया है।
👉 अब देखना यह है कि
प्रशासन भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करता है
या फिर खामोशी से इसे सिस्टम का हिस्सा बनने देता है।

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