बड़गांव पंचायत में बड़ा खेल! घोटाला छुपाने ग्रामीणों से छिपाई गई शिविर की सूचना
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बैकुंठपुर/कोरिया। सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली ग्राम पंचायत बड़गांव में पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 06 अप्रैल को चारपारा-भखार में आयोजित जनसभा समस्या समाधान शिविर की जानकारी जानबूझकर गांव के लोगों से छिपाई गई, ताकि पंचायत में चल रहे कथित भ्रष्टाचार और घोटाले उजागर न हो सकें।
ग्रामीणों के अनुसार, सरपंच अशोक कुमार मिंज और पंचायत सचिव ने न तो गांव में शिविर की पूर्व सूचना दी और न ही कोटवार के माध्यम से मुनादी कराई। इससे बड़गांव के अधिकांश ग्रामीण शिविर की जानकारी से अनजान रहे और अपनी समस्याएं, शिकायतें तथा पंचायत से जुड़े कथित अनियमितताओं के मुद्दे प्रशासन के सामने नहीं रख सके।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि समय पर सूचना मिलती, तो वे पंचायत के विकास कार्यों, भुगतान, निर्माण कार्य और अन्य योजनाओं में कथित गड़बड़ियों की शिकायत सीधे जिला प्रशासन तक पहुंचा सकते थे। सूचना नहीं मिलने से कलेक्टर की जनसमस्या समाधान योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया।
ग्रामीणों ने इसे छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम, 1993 की धारा 6 के तहत सूचना देने की जिम्मेदारी का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि सूचना जानबूझकर रोकी गई, तो यह धारा 40 के तहत पद के दुरुपयोग, कर्तव्य की अवहेलना और जनहित की उपेक्षा का मामला बन सकता है।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर कोरिया से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सरपंच और सचिव की भूमिका तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी पंचायत में शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीणों से न छिपाया जा सके।
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